सीवान पहुंचे लालू यादव, शुक्रवार को कोर्ट में होगी पेशी; पुराने चुनावी मामले में फिर बढ़ी हलचल
2011 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है मामला, दारौंदा में बिना अनुमति सभा और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का है आरोप; रात में पचरूखी के होटल में ठहरे राजद सुप्रीमो
सीवान। बिहार की सियासत के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव गुरुवार की शाम सीवान पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिले में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। रास्ते में कई जगह पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। सीवान पहुंचने के बाद लालू यादव पचरूखी स्थित एक होटल में रात्रि विश्राम कर रहे हैं। उनके साथ विधान परिषद सदस्य विनोद जायसवाल, रघुनाथपुर राजद विधायक ओसामा शहाब, पूर्व विधायक भोला यादव समेत पार्टी के कई नेता मौजूद हैं।
लालू प्रसाद यादव के सीवान पहुंचने की खबर मिलते ही स्थानीय राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियां तेज हो गईं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी, रघुनाथपुर विधायक ओसामा साह, पूर्व विधायक हरिशंकर यादव, राजद नेता अनवारुल हक, जिला प्रवक्ता उमेश कुमार, अरुण गुप्ता, हरेंद्र सिंह पटेल, विक्रांत सिंह, ललन यादव और रविंद्र राय सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया।
2011 के चुनावी मामले में शुक्रवार को अदालत में पेशी
लालू प्रसाद यादव का सीवान दौरा केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। शुक्रवार को उन्हें आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत के समक्ष उपस्थित होना है। यह मामला वर्ष 2011 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दारौंदा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार से संबंधित है।
उस समय लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आठ अक्टूबर 2011 को वे दारौंदा विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। आरोप है कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद प्रशासनिक अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल किया गया और सभा आयोजित कर भाषण दिया गया।
इस मामले को लेकर तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने लालू प्रसाद यादव और तत्कालीन राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के विरुद्ध दारौंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में कांड संख्या 146/11 दर्ज किया गया था।
गैर जमानती वारंट से कुर्की की कार्रवाई तक पहुंचा मामला
मामले में अदालत ने दोनों आरोपितों के खिलाफ संज्ञान लिया था। हालांकि, बाद में परमेश्वर सिंह का निधन हो गया, जबकि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी रही। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद न्यायालय ने कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया था।
बाद में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने की दलील दिए जाने पर कुर्की के आदेश को स्थगित कर दिया गया। अब इसी मामले में शुक्रवार को अदालत में सुनवाई निर्धारित है। न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए लालू प्रसाद यादव गुरुवार को सीवान पहुंचे हैं।
शुक्रवार को होने वाली पेशी पर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। पुराने चुनावी मामले में अदालत की कार्रवाई और लालू यादव की उपस्थिति को लेकर सीवान में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

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