Champaran से उठी नई सियासी लहर: Nishant Kumar की ‘Sadbhav Yatra’ ने दिखाई ताकत, विरासत और भविष्य का रोडमैप
बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ता दिख रहा है। अब तक सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार ने अपनी पहली राजनीतिक पहल ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर से कर दी है। यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि विरासत, विचारधारा और जनसंवाद का संगम बनती नजर आ रही है—ठीक वैसे ही जैसे कभी नीतीश कुमार और उससे पहले महात्मा गांधी ने इसी धरती से अपनी दिशा तय की थी। फ़ोटो: सद्भाव यात्रा में निशांत पटना : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित नरदेवी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी राजनीतिक यात्रा को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार दिया। वाल्मीकि नगर से बेतिया तक के सफर में कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बेतिया पहुंचकर उन्होंने जेडीयू कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और चंपारण की ऐतिहासिक ध...