Champaran से उठी नई सियासी लहर: Nishant Kumar की ‘Sadbhav Yatra’ ने दिखाई ताकत, विरासत और भविष्य का रोडमैप

बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ता दिख रहा है। अब तक सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार ने अपनी पहली राजनीतिक पहल ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर से कर दी है। यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि विरासत, विचारधारा और जनसंवाद का संगम बनती नजर आ रही है—ठीक वैसे ही जैसे कभी नीतीश कुमार और उससे पहले महात्मा गांधी ने इसी धरती से अपनी दिशा तय की थी।



                   फ़ोटो: सद्भाव यात्रा में निशांत

पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्थित नरदेवी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। 
इसके बाद उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी राजनीतिक यात्रा को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार दिया।

वाल्मीकि नगर से बेतिया तक के सफर में कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बेतिया पहुंचकर उन्होंने जेडीयू कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और चंपारण की ऐतिहासिक धरती को नमन किया।

फोटो: यात्रा से पूर्व पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेते निशांत 

बतादें की यह यात्रा 3 मई रविवार से शुरू हुई है। इससे पहले निशांत ने यात्रा पर निकलने से पहले उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार से उनके आवास पर आशीर्वाद लिया। 

चंपारण से जुड़ी विरासत का जिक्र

अपने संबोधन में निशांत कुमार ने कहा कि 1917 में महात्मा गांधी ने यहीं से अंग्रेजों के खिलाफ पहला सत्याग्रह शुरू किया था, जिसने किसानों को एकजुट किया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनके पिता नीतीश कुमार ने भी 2005 में अपनी राजनीतिक यात्राओं की शुरुआत यहीं से की थी।

उन्होंने कहा, "मैं भी उसी चंपारण की धरती से अपनी पहली राजनीतिक यात्रा शुरू कर रहा हूं। यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है।"

नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने का भरोसा

निशांत कुमार ने साफ किया कि भले ही उनके पिता अब राज्यसभा में हैं, लेकिन उनका मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता तक यह संदेश पहुंचाएं कि वे उसी विचारधारा और दिशा में काम करेंगे।


यात्रा के दौरान व्यापक जनसंपर्क

सद्भाव यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, नरकटिया विधानसभा क्षेत्र के बंजरिया प्रखंड सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास मुद्दों पर चर्चा भी की। यात्रा से पहले उन्होंने वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व का भी दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रहा जनसमर्थन उन्हें नई ऊर्जा दे रहा है।

राजनीति में नई एंट्री, लेकिन रणनीति साफ

करीब दो महीने पहले राजनीति में आने का फैसला लेने वाले निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे फिलहाल सत्ता या पद की बजाय जनता से जुड़ने पर फोकस करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे सीधे लोगों के बीच रहकर अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं।


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