बिहार में मौसम का कहर: वज्रपात और तूफान से 21 की मौत, कई जिलों में रेड अलर्ट; CM ने मुआवजे का किया ऐलान
बिहार में बेमौसम बारिश और भीषण आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात, तेज हवाओं और विभिन्न हादसों में 21 लोगों की मौत हो गई है। कई जिलों में 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पटना। बिहार में मौसम का मिजाज लगातार तीसरे दिन भी बेहद खतरनाक बना हुआ है। बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर, पूर्वी और मध्य बिहार के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
इस दौरान वज्रपात (ठनका) से 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि दीवार गिरने और अन्य दुर्घटनाओं में तीन लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस तरह प्राकृतिक आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।
आंधी-तूफान का असर सिर्फ जनजीवन तक सीमित नहीं रहा। आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने और ओएचई वायर क्षतिग्रस्त होने से ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहा।
कई जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
मोतिहारी में सबसे अधिक 116 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सिसवन में 140 मिलीमीटर और पटना में 13 मिलीमीटर वर्षा हुई। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने तबाही को और बढ़ा दिया।
राजधानी पटना में हवा की अधिकतम रफ्तार 107 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वहीं राजगीर में 76 किलोमीटर प्रति घंटा और सीवान के जीरादेई में 72 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली।
तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति ठप हो गई और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
आज भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान भी हालात गंभीर बने रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दरभंगा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, सारण, गोपालगंज, गया, सीवान, जहानाबाद, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, रोहतास, नवादा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और पटना समेत कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
इन जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वज्रपात की घटनाओं में औरंगाबाद में दो, गया में तीन, सारण में एक तथा खगड़िया में एक व्यक्ति की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को मृतकों के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि वज्रपात और आंधी-तूफान से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, खराब मौसम में घरों के भीतर रहें और सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।
किसानों की बढ़ी चिंता
आंधी और बारिश ने किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से आम और लीची उत्पादक क्षेत्रों में बागानों को भारी नुकसान पहुंचा है। फलों के गिरने और पेड़ों की शाखाएं टूटने से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन कराया जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और बिजली विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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