सिवान में SP का बड़ा एक्शन: 21 थानाध्यक्षों का वेतन रोका, गंभीर मामलों की रिपोर्टिंग में लापरवाही पर सख्ती

सीवान पुलिस प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने जिले के 21 थानाध्यक्षों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। यह कार्रवाई गंभीर और चर्चित कांडों के त्वरित निष्पादन में लापरवाही, वरीय अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी और लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराने को लेकर की गई है। एसपी की इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में अफरातफरी का माहौल है।

सीवान पुलिस प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने जिले के 21 थानाध्यक्षों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।

 आदेशों की अनदेखी बनी कार्रवाई की वजह

बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना द्वारा सभी जिलों के थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि गंभीर एवं चर्चित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए और साक्ष्य आधारित कांडों में त्वरित विचारण की प्रक्रिया तेज की जाए। इसी क्रम में पुलिस कार्यालय सिवान की अभियोजन एवं त्वरित विचारण शाखा द्वारा पिछले लगभग दो महीनों से सभी थानों से लंबित मामलों की अद्यतन सूची नियमित रूप से मांगी जा रही थी।


       पुलिस अधीक्षक कार्यालय सीवान द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी

इसके बावजूद जिले के कई थानों द्वारा समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। इसे वरीय अधिकारियों के आदेशों की गंभीर अवहेलना तथा कार्य के प्रति उदासीनता मानते हुए पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने सख्त रुख अपनाया।

 21 थानाध्यक्षों पर गिरी गाज

एसपी द्वारा जिन अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है, उनमें जिले के लगभग सभी प्रमुख थाने शामिल हैं। इनमें नगर थाना, मुफस्सिल थाना, बड़हरिया, हुसैनगंज, धनौती, महादेवा, सराय, जीरादेई, मैरवा, गुठनी, आंदर, रघुनाथपुर, असांव, एमएच नगर, सिसवन, चैनपुर, जीबी नगर, बसंतपुर, दरौंदा, महिला थाना और एससी-एसटी थाना के थानाध्यक्ष शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई थानों से बार-बार निर्देश देने के बावजूद भी आवश्यक कांड सूची और रिपोर्ट नहीं भेजी गई, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही थी।

 पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

एक साथ इतने बड़े पैमाने पर वेतन रोकने की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। थानों के स्तर पर अब लंबित मामलों की समीक्षा और दस्तावेजीकरण को लेकर तेजी लाई जा रही है। अधिकारियों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आगे और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

 SP का स्पष्ट संदेश

पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने साफ कहा है कि अपराध अनुसंधान, लंबित कांडों का निस्तारण और न्यायिक प्रक्रिया को गति देना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से लंबित मामलों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करें और कार्य प्रणाली में सुधार सुनिश्चित करें।

रिपोर्ट: प्रियांशु कुमार सिंह 


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