बिहार में आसमान से बरसेगी आफत, 11 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी; 4 नवंबर तक नहीं मिलेगी राहत!
बिहार में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है! आसमान में गरजेंगे बादल, तेज हवाओं के साथ होगी बारिश और बिजली गिरने का भी खतरा है। मौसम विभाग ने 11 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। 4 नवंबर तक मौसम का यह बदला हुआ तेवर जारी रहने के आसार हैं।
पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर खतरनाक करवट लेने को तैयार है। नवंबर की शुरुआत में ही आसमान में बादलों की हलचल तेज हो गई है। कहीं गरजते बादल लोगों को डराएंगे तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश दस्तक दे सकती है। मौसम विभाग के ताजा अलर्ट ने 11 जिलों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और वज्रपात का दौर देखने को मिल सकता है।
दरअसल, चक्रवात 'अर्नब' का असर भले ही धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन बिहार के मौसम पर इसका प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम के बदलते मिजाज के बीच मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 11 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, नालंदा और नवादा समेत कुल 11 जिले शामिल हैं।
40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, गरजेंगे बादल और हो सकती है बारिश!
मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान आसमान में बादलों की गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। अचानक मौसम बदलने से आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी असर पड़ सकता है।
4 नवंबर तक मौसम का खेल जारी, अभी नहीं थमेगा बदलाव!
मौसम का यह उतार-चढ़ाव फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 नवंबर तक बिहार के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। चक्रवात अर्नब का असर कमजोर होने के बावजूद बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
बिजली चमके तो घर से बाहर निकलने की न करें गलती!
आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। किसान भी खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से परहेज करें। मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
अब सवाल यह है कि नवंबर के शुरुआती दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बिहार में कितनी मुश्किलें बढ़ाएगा और कब तक लोगों को इससे राहत मिलेगी?

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