गौर महावीरी झंडा मेले में नियमों की अनदेखी पर प्राथमिकी, 9 नामजद समेत 40-50 अज्ञात पर केस
प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के मुताबिक, गौर बाजार हाईस्कूल मैदान में कई बड़े-बड़े स्टेज लगाए गए थे और वहां तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। पुलिस की शिकायत में डीजे पर कथित तौर पर अश्लील गाने बजाने का भी आरोप लगाया गया है।
सीवान। महाराजगंज थाना क्षेत्र के गौर महावीरी झंडा मेला और अखाड़ा जुलूस के दौरान प्रशासनिक निर्देशों की कथित अनदेखी और विधि-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में महाराजगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कांड संख्या 349/26 के तहत 9 नामजद समेत 40 से 50 अज्ञात लोगों को आरोपित किया है।
प्राथमिकी के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को गौर महावीरी झंडा मेला के दौरान पुलिस पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार पुलिस बल के साथ मेला स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान गौर बाजार हाईस्कूल मैदान में कई स्टेज लगाए जाने और तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने डीजे और ऑर्केस्ट्रा बंद करने का निर्देश दिया, लेकिन प्राथमिकी में आरोप है कि इसके बावजूद कार्यक्रम जारी रहा।
पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर अश्लील गाने बजाने और धारदार हथियारों का प्रदर्शन किए जाने का भी आरोप लगाया है। मामले में मेला अखाड़ा के लाइसेंसधारी विश्वकर्मा प्रसाद, कृष्णा साह और छोटेलाल प्रसाद, डीजे संचालक सोनू कुमार, नितेश कुमार और सुमन्त कुमार, काजल ऑर्केस्ट्रा की संचालक काजल कुमारी, शेर बिहार ऑर्केस्ट्रा के संचालक मदन राय तथा प्रकाश इवेंट शो के संचालक प्रकाश कुमार को नामजद किया गया है। इनके अलावा 40 से 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है।
बताया गया है कि महावीरी अखाड़ा जुलूस से पहले आयोजित शांति समिति की बैठक में प्रशासन की ओर से डीजे, ऑर्केस्ट्रा, अश्लील गाने और जुलूस के दौरान नियमों का पालन करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। प्रशासन ने ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की हिदायत दी थी, जिससे क्षेत्र की शांति और विधि-व्यवस्था प्रभावित हो।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद महाराजगंज पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आरोपों की सत्यता की जांच करने के साथ ही कार्यक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।

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