एक चिंगारी ने छीन लिए मां-बेटी के सपने, शादी की तैयारी में जुटी विधवा का सब कुछ राख
जिस मां ने अपने हिस्से की हर खुशी कुर्बान कर बेटी के भविष्य के सपने संजोए थे, उसकी दुनिया एक ही रात में उजड़ गई। बेटी की शादी के लिए वर्षों से जोड़े गए पैसे, कपड़े और सामान आग की लपटों में समा गए। अब आंखों में आंसू हैं और दिल में सिर्फ एक सवाल "अब बेटी की शादी कैसे होगी?"
सीवान। जिले के महाराजगंज शहर के वार्ड संख्या 6 स्थित पुरानी बाजार में मंगलवार की रात एक विधवा मां के लिए जिंदगी की सबसे भयावह रात बन गई। रानी देवी अपनी इकलौती बेटी के साथ घर में सो रही थीं। रात की खामोशी के बीच अचानक शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने उनके सपनों को आग के हवाले कर दिया।
फोटो: शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बाद रोती-बिलखती विधवा, बाईं ओर आग में जला सामान।
देखते ही देखते लपटों ने पूरे घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। घबराई मां-बेटी किसी तरह बाहर निकलीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने वर्षों की मेहनत, संघर्ष और उम्मीदें जलती रहीं। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घर में रखा फ्रिज, टीवी, फर्नीचर, कपड़े, अनाज, बर्तन, जरूरी कागजात और लाखों रुपये की संपत्ति राख बन चुकी थी। लेकिन इस नुकसान से भी बड़ा दर्द वह था, जिसे रानी देवी शब्दों में बयां नहीं कर पा रहीं।
आगजनी की घटना में जले कपड़े एवं अन्य सामग्री
पति के निधन के बाद उन्होंने बड़ी मुश्किलों से अपनी बेटी को पाला। मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके एक-एक पैसा जोड़ती रहीं ताकि बेटी की शादी सम्मान के साथ कर सकें। वर्षों से संभालकर रखे शादी के कपड़े, गृहस्थी का सामान और जमा पूंजी सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। एक मां के अरमान, बेटी की डोली के सपने और भविष्य की सारी उम्मीदें पल भर में धुएं में बदल गईं।
घटना के बाद रानी देवी की आंखों से बहते आंसू हर किसी का दिल पिघला रहे हैं। अब वह खुले आसमान के नीचे खड़ी होकर प्रशासन और समाज से मदद की उम्मीद लगाए बैठी हैं, ताकि बेटी के सपनों को फिर से जिंदा किया जा सके।
सूचना मिलने पर अग्निशमन, बिजली विभाग और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि नुकसान का आकलन कर सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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