हड़ताल के दौरान वित्तीय कार्य करने पर सीवान में दो पंचायत सचिव निलंबित, डीएम ने जारी किया आदेश
सीवान। जिले में पंचायत सचिवों की हड़ताल के दौरान वित्तीय भुगतान करने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गोरेयाकोठी प्रखंड के पंचायत सचिव पवन कुमार तथा जीरादेई प्रखंड के छोटका मांझा ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव सुजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने हड़ताल अवधि में E-Panchayat Bihar/E-Gram Swaraj Portal पर DSC साइन कर पवन कुमार ने करीब 2.40 लाख तथा सुजीत कुमार ने 6.07 लाख रुपये के भुगतान की। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने इसे सरकारी सेवा आचार नियमावली का उल्लंघन मानते हुए निलंबन का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला
समाहरणालय, सीवान की जिला पंचायत शाखा से जारी आदेश के अनुसार, बिहार में पंचायत सचिव 8 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस दौरान राज्य सरकार को सूचना मिली थी कि कुछ पंचायत सचिव हड़ताल के बावजूद E-Panchayat Bihar और E-Gram Swaraj Portal पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का उपयोग कर वित्तीय भुगतान और अन्य कार्य कर रहे हैं।
इसी क्रम में गोरेयाकोठी प्रखंड के गोरेयाकोठी ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव पवन कुमार ने हड़ताल अवधि के दौरान 17 अप्रैल 2026 को करीब 2.40 लाख रुपये का भुगतान किया। जबकि जीरादेई प्रखंड के छोटका मांझा ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव सुजीत कुमार ने 16 अप्रैल 2026 को E-Gram Swaraj पोर्टल पर DSC साइन कर करीब 6.07 लाख रुपये का भुगतान किया। इस मामले में प्रभारी पंचायत राज पदाधिकारी, गोरेयाकोठी ने 15 मई 2026 को पत्र जारी कर पुष्टि की कि पवन कुमार हड़ताल में शामिल थे, इसके बावजूद उन्होंने वित्तीय कार्य किया। वहीं जिरादेई प्रखंड विकास पदाधिकारी ने भी जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद डीएम ने कार्रवाई की।
जिला प्रशासन ने आदेश में कहा है कि यह कृत्य सरकारी सेवा की मर्यादा और आचरण नियमों के विपरीत है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि हड़ताल के कारण पंचायतों में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य पहले से प्रभावित हैं, ऐसे में इस तरह की गतिविधि प्रशासनिक व्यवस्था को और बाधित करती है।
कई योजनाओं पर पड़ा असर
आदेश में बताया गया है कि पंचायत सचिवों की हड़ताल से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, वंशावली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, वित्त आयोग योजनाएं, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना सहित पंचायत स्तर के कई दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा जनगणना 2027 और सहयोग शिविर जैसे कार्यक्रमों पर भी असर पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि ऐसी स्थिति में नियमों के विपरीत जाकर वित्तीय कार्य करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
जिलाधिकारी ने जारी आदेश में कहा।
जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिव का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन है, जिसमें प्रत्येक सरकारी कर्मी को अपने कर्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा बनाए रखने की बात कही गई है।
इसी आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत पवन कुमार तथा सुजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही निलंबन अवधि में पवन कुमार मुख्यालय रघुनाथपुर प्रखंड कार्यालय निर्धारित किया गया है, जबकि सुजीत कुमार को निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय गोरियाकोठी प्रखंड कार्यालय निर्धारित किया गया है।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
जिला प्रशासन ने आदेश की प्रतिलिपि गोरेयाकोठी व जीरादेई के प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि पंचायत सचिव के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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