उत्तर बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज: बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट, किसानों के लिए विशेष सलाह जारी

उत्तर बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट लेने की तैयारी कर ली है। मुजफ्फरपुर, सारण, सिवान समेत कई जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश, तेज हवा और वज्रपात का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 10 से 25 मिमी तक वर्षा की संभावना जताई है। बदलते मौसम के बीच लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को फसलों और लीची बागानों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 10 से 25 मिमी तक वर्षा हो सकती है।

बिहार। मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। अगले तीन से चार दिनों तक क्षेत्र के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 10 से 25 मिमी तक वर्षा हो सकती है।

 तेज हवा, बादल गरजने और कुछ स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका है। बदलते मौसम के बीच लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को फसलों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। 

मौसम विभाग ने बताया कि उच्च तापमान, हवा में अत्यधिक नमी और अनुकूल मौसमीय सिस्टम के प्रभाव से उत्तर बिहार में बारिश की स्थिति बन रही है। वर्षा के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।

 अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि सारण और सिवान जिलों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने का अनुमान है। 

वहीं न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। सामान्य दिनों में 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलती रहेगी। मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और हवा भी चलती रही, लेकिन उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली।

 दिन का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम था।

 किसानों के लिए मौसम विभाग की अहम सलाह मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि मक्का की कटाई और भंडारण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। बारिश की संभावना को देखते हुए फसलों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

 परिपक्व लीची की जल्द से जल्द तुड़ाई करने की सलाह दी गई है। खासकर शाही लीची के बागानों में किसी प्रकार का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वर्षा की संभावना को देखते हुए फिलहाल फसलों में कीटनाशक और उर्वरक का प्रयोग न करें।

 गर्मी में ओलावृष्टि क्यों पड़ रही? वरीय मौसम विज्ञानी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि उत्तर बिहार में कई स्थानों पर तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक अधिक पहुंच गया है। उच्च तापमान, वातावरण में अत्यधिक नमी और स्थानीय चक्रवात बनने के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है।

 इसी वजह से गर्मी के मौसम में भी कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर बिहार में बारिश की स्थिति हर जगह समान नहीं हो सकती। एक स्थान से एक किलोमीटर दूर भी बारिश की मात्रा में बड़ा अंतर हो सकता है, जबकि तापमान में इतना अंतर नहीं होता।


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