बिहार में मौसम के दो रंग! कहीं राहत की बारिश तो कहीं झुलसाने वाली गर्मी, 9 जिलों में अलर्ट जारी
बिहार में पुरवा और पछुआ हवाओं के अलग-अलग असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सीमांचल और आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, जबकि दक्षिण और पश्चिम बिहार के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने रविवार को कई जिलों के लिए हीटवेव, तेज हवा, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।
सबसे अधिक तापमान रोहतास के डेहरी में 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है।पटना। सहित राज्य के 13 जिलों में शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे अधिक तापमान रोहतास के डेहरी में 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार के कई जिलों में रविवार को गर्म हवाओं और लू का असर तेज रहेगा।
वहीं सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में मौसम ने करवट ली है। मुजफ्फरपुर में बारिश की संभावना के बीच तापमान में 4.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि नमी में कमी आने से उमस से थोड़ी राहत मिली, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया।
पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि अगले 48 घंटे के दौरान जिले के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 24 मई को दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:
कैमूर (भभुआ)
रोहतास
बक्सर
औरंगाबाद
येलो अलर्ट वाले जिले:
सुपौल
अररिया
किशनगंज
पूर्णिया
कटिहार
इन जिलों में तेज हवा, आंधी-पानी और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
डॉक्टरों के अनुसार लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। लोगों को अधिक मात्रा में पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर दोपहर के समय आवाजाही कम देखने को मिली। बाजारों और चौक-चौराहों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही।
किसानों के लिए मौसम में बदलाव राहत भरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने से मक्का, सब्जी और आम की फसलों को फायदा मिल सकता है।
बिजली की बढ़ती खपत के कारण कई जिलों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। गर्मी बढ़ने से शहरी इलाकों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।
मौसम विभाग ने वज्रपात के दौरान लोगों को पेड़ के नीचे खड़े नहीं होने और खुले मैदान से दूर रहने की सलाह दी है।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 3 दिनों तक बिहार में मौसम का यही मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। कहीं बारिश तो कहीं लू की स्थिति बनी रहेगी।
सीमांचल के जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
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