सिपाही भर्ती में ‘मुन्नाभाई गैंग’ का पर्दाफाश, सीवान में पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थी; कई जिलों तक फैले नेटवर्क की जांच
सीवान। केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सीवान में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे दो फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके पीछे एक संगठित ‘मुन्नाभाई नेटवर्क’ के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब पूरे गिरोह और इसके मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर AI GENRETED
जानकारी के अनुसार 17 जून को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रथम और द्वितीय पाली के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर परीक्षा केंद्र तथा दाउद मेमोरियल उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों को कुछ अभ्यर्थियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उनकी पहचान और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में दोनों अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में विसंगतियां मिलने पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार युवकों ने अपनी पहचान क्रमशः पटना निवासी सियाराम कुमार और जहानाबाद निवासी गौतम कुमार के रूप में बताई। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने स्वीकार किया कि वे वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने उनके पास से बरामद प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की, जिसमें कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। पुलिस ने कई कूटरचित दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब दोनों आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 14 जून को मोतिहारी और गोपालगंज में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में भी वे फर्जी अभ्यर्थी बनकर शामिल हुए थे। इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस को आशंका है कि भर्ती परीक्षा में प्रतिरूपण कराने वाला एक संगठित गिरोह लंबे समय से सक्रिय है और विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों को सेट कर परीक्षा दिलाने का काम कर रहा है।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि वास्तविक अभ्यर्थी कौन हैं, उनके और आरोपियों के बीच क्या संबंध है तथा उन्हें परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था किसने की। इसके साथ ही इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित मास्टरमाइंड की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है।
एसपी ने कहा कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जब्त दस्तावेजों की फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं इस गिरोह ने अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा तो नहीं किया है।
सीवान पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षा में सक्रिय फर्जीवाड़ा गिरोहों में हड़कंप मच गया है। मामले के खुलासे ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने वाले संगठित नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर उन लोगों पर है जो पैसे लेकर असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने का अवैध कारोबार चला रहे हैं।
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| सीवान पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने जारी किया प्रेस विज्ञप्ति |

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