पटना में पसीना-पसीना लोग, बिहार के इन जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया बड़ा अलर्ट


बिहार में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के साथ ही मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।


हवाओं के साथ मौसम में अचानक बदलाव की संभावना


पटना। बिहार में मानसून की चाल फिलहाल सुस्त पड़ गई है। इसका असर यह है कि राजधानी पटना सहित दक्षिण बिहार के कई इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। दिनभर चिलचिलाती धूप और हवा में नमी के कारण लोग बेहाल नजर आ रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ी है, जिसके कारण दक्षिण बिहार में वर्षा की गतिविधियां सीमित बनी हुई हैं।

वहीं दूसरी ओर सीमांचल और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मौसम का रुख बदला रहेगा। भागलपुर, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया समेत आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार 15 जून से 19 जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बीते 24 घंटे के दौरान भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कटिहार जिले के प्राणपुर में सर्वाधिक 84.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि मानसून की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो रही है। विभाग के अनुसार सोमवार को पटना में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथि थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से मानसून मुजफ्फरपुर क्षेत्र में ही ठहरा हुआ है, जिससे राजधानी समेत कई जिलों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक की जानकारी जरूर लें। जलजमाव वाले मार्गों से बचें तथा आंधी-तूफान और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। विभाग ने पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदान में रहने से बचने की भी सलाह दी है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

छोटी टक्कर, बड़ा कत्ल… पुलिस को देखते ही की फायरिंग, एनकाउंटर में ‘खेल खत्म’ 'लोकल लेवल का लफुआ' बना कुख्यात अपराधी!

Danapur में ‘Haldiram Bhujiawala’ का धमाकेदार विस्तार: स्वाद, स्वच्छता और भरोसे के संग नई पहचान, UCO Bank के CGM ने सराहा मॉडल आउटलेट

❝ जिम्मेदारियों के शोर में कहीं खो गया वो बचपन ❞