बिहार में थम गई मानसून की रफ्तार! 16 जिलों में भीषण गर्मी का कहर, 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा, लोग बेहाल
मानसून की बेरुखी और आसमान से बरसती आग ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच एक बुजुर्ग साइकिल से सफर करते हुए पसीना पोंछने को मजबूर हैं, जबकि धूल भरी हवाएं लोगों की परेशानी और बढ़ा रही हैं।
पटना। बिहार में मानसून की सुस्त चाल ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते राज्य में प्रवेश करने वाला मानसून पिछले 10 दिनों से मुजफ्फरपुर में ही अटका हुआ है। इसके कारण पटना, गया, छपरा समेत दक्षिण और पश्चिम बिहार के 16 जिलों में भीषण गर्मी, उमस और तेज धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि मानसून की राह देख रहे किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
मुजफ्फरपुर में अटका मानसून, दक्षिण बिहार को करना पड़ रहा इंतजार
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बिहार में मानसून की प्रगति पिछले 10 दिनों से लगभग थम सी गई है। पूर्णिया और किशनगंज से आगे बढ़ते हुए मानसून मुजफ्फरपुर तक तो पहुंच गया, लेकिन इसके बाद इसकी रफ्तार रुक गई। सामान्य तौर पर इस समय तक पटना, गया, बक्सर, छपरा और आसपास के जिलों में मानसून सक्रिय हो जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित और तेज पुरवा हवा का प्रवाह नहीं होने के कारण मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि दक्षिण-पश्चिम बिहार में मानसून की एंट्री करीब एक सप्ताह तक विलंबित हो चुकी है।
गर्मी और उमस से लोग परेशान, सुबह की हल्की बारिश भी नहीं दे सकी राहत
राजधानी पटना समेत कई जिलों में रविवार और सोमवार को तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिला। पटना में सुबह हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इसके बाद उमस और अधिक बढ़ गई। लोगों को दिनभर पसीने और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।
बारिश नहीं होने से शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। खेतों में नमी की कमी और बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
सात जिलों में 40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
मानसून की देरी का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है।
प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान:
डेहरी : 41.1°C
पटना : 40.9°C
छपरा : 40.8°C
गया : 40.2°C
बक्सर : 40.0°C
इन जिलों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला। तेज धूप और लू जैसे हालात के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
कुछ जिलों में बारिश से मिली राहत
जहां बिहार का बड़ा हिस्सा गर्मी की मार झेल रहा है, वहीं अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधुबनी और नवादा में हाल के दिनों में हुई बारिश ने लोगों को कुछ राहत दी है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी राज्यभर में व्यापक बारिश की स्थिति नहीं बन पाई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक जब तक एक साथ कई जिलों में बादलों का सक्रिय सिस्टम विकसित नहीं होगा, तब तक पूरे बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाएगा।
मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए बिहार के कई जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है।
भारी बारिश की संभावना:
अररिया
कटिहार
सुपौल
सीतामढ़ी
हल्की से मध्यम बारिश के आसार:
किशनगंज
मधेपुरा
पूर्णिया
सहरसा
वहीं राज्य के अधिकांश अन्य हिस्सों में फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून की देरी का सबसे ज्यादा असर कृषि कार्यों पर पड़ सकता है। धान की रोपनी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में पानी की कमी बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो खेती-किसानी पर इसका असर पड़ सकता है।

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