थानेदार पर तान दी थी पिस्टल, SDM को बताया था ‘पहला टार्गेट’; 24 घंटे तक पुलिस को देता रहा खुली चुनौती, आखिरकार पुलिस ने किया एनकाउंटर


भोजपुर में 24 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे का अंत पुलिस कार्रवाई के साथ हुआ। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे युवक ने SDM को धमकी दी, पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानी और पुलिस को खुली चुनौती देता रहा। पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी।


पुलिस को खुली चुनौती दे रहे युवक ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों पैरों में मारी गोली।


भोजपुर:
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बीते 24 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा बुधवार को पुलिस की जवाबी कार्रवाई के साथ खत्म हुआ। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे एक युवक ने पहले सोशल मीडिया पर हथियार के साथ तस्वीर पोस्ट कर प्रशासन को चुनौती दी, फिर पुलिस के सामने पिस्टल लहराते हुए SDM को अपना “पहला टार्गेट” बताया। कई घंटों तक पुलिस उसे समझाने की कोशिश करती रही, लेकिन जब उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी तो आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस दौरान युवक के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।

हथियार के साथ गांव में घूम रहा था आरोपी

जानकारी के अनुसार आरोपी युवक भरत तिवारी मंगलवार से ही हथियार लेकर गांव में घूम रहा था। इस दौरान उसने कई राउंड फायरिंग भी की थी। मामला तब और गंभीर हो गया जब उसने सोशल मीडिया पर हथियार के साथ तस्वीर साझा कर जगदीशपुर के SDM को एनकाउंटर की धमकी दे डाली। सूचना मिलने के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए गांव पहुंची, लेकिन हालात ऐसे बन गए कि पुलिस टीम को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी।

थानाध्यक्ष पर तान दी पिस्टल


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक हाथ में पिस्टल लेकर लगातार पुलिस से बातचीत करता रहा। इस दौरान उसने थानाध्यक्ष पर भी पिस्टल तान दी और करीब 20 मिनट तक हथियार के बल पर पुलिस को चुनौती देता रहा। उसने पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी कि अगर किसी ने चालाकी करने की कोशिश की तो वह गोली मार देगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उसे शांत कराने और आत्मसमर्पण के लिए मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था।

पुलिस ने समझाने की कोशिश की, नहीं माना युवक

घटना के दौरान शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार युवक के सामने हाथ जोड़कर उसे समझाते रहे। उन्होंने उससे हथियार सौंपने और शांति से थाने चलने की अपील की, लेकिन युवक ने साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि पुलिस उसके घर में आई है और उसे वहां से चले जाना चाहिए। इसी बीच जब एक जवान हथियार लेकर वहां से गुजर रहा था तो युवक ने उस पर भी पिस्टल तान दी। उसने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर कोई आगे बढ़ा तो वह सबको गोली मार देगा।


पुलिस की कार्रवाई में घायल आरोपी



इस पूरे घटनाक्रम के दौरान युवक की मां लगातार पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाती रही कि गोलीबारी न हो और उसके बेटे को नुकसान न पहुंचाया जाए। हालांकि युवक अपनी मां की बात भी सुनने को तैयार नहीं था। उसने अपनी मां को भी पीछे हटने के लिए कहा और पुलिस के खिलाफ आक्रामक रवैया बनाए रखा।


युवक ने बातचीत के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पुलिस असली अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती और रिश्वत लेकर चुप हो जाती है। वह लगातार पुलिस को चुनौती देता रहा और मौके पर मौजूद लोगों से वीडियो बनाने तथा रिपोर्टिंग करने की बात भी कहता रहा। इस दौरान पुलिस टीम काफी संयम बरतती दिखाई दी और स्थिति को बिना बल प्रयोग के नियंत्रित करने का प्रयास करती रही।

घटना का वीडियो आया सामने।

घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें युवक अपने बेड पर लेटा हुआ दिखाई देता है। वह हाथ में पिस्टल लिए दारोगा से बातचीत करता है। जब दारोगा ने उससे पूछा कि वह क्या बनना चाहता है, तो उसने रहस्यमय अंदाज में जवाब दिया कि पुलिस सब समझ रही है, लेकिन नौकरी की वजह से सच स्वीकार नहीं कर सकती। बातचीत के दौरान वह कभी मुस्कुराता दिखा तो कभी पुलिस को चुनौती देता नजर आया।

SDM को बताया था पहला टारगेट 

सबसे चौंकाने वाला बयान तब सामने आया जब पुलिस ने उससे SDM को धमकी देने की वजह पूछी। इस पर युवक ने कहा कि SDM उसका “पहला टारगेट ” है। जब उससे पूछा गया कि आखिर SDM ने ऐसा क्या किया है, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और बात को टाल गया। इस बयान के बाद प्रशासन और पुलिस दोनों की चिंता और बढ़ गई।

मामले को लेकर शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने बताया था कि प्रारंभिक जांच में युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि पिछले दो-तीन वर्षों से उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही थी कि उसके पास मौजूद पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध।




बुधवार को पुलिस एक बार फिर आरोपी को नियंत्रित करने के लिए गांव पहुंची। इस बार भारी संख्या में पुलिस बल को देखकर युवक और उग्र हो गया। पुलिस के अनुसार उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। लगातार खतरा बढ़ता देख पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान चली गोली युवक के दोनों पैरों में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।

घायल युवक को पहले शाहपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आरा सदर अस्पताल भेजा गया। हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।

SDPO बोले मानसिक रूप से परेशान था युवक

जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि मानसिक रूप से परेशान युवक द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई थी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें युवक के दोनों पैरों में गोली लगी। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

फिलहाल भोजपुर की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ युवक की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ यह भी जांच का विषय है कि आखिर उसके हाथों में हथियार कैसे पहुंचा और वह इतने लंबे समय तक पुलिस और प्रशासन को चुनौती कैसे देता रहा।


पुलिस इनकाउंटर में घायल युवक की मौत

 शाहपुर के बिलौटी गांव में बुधवार सुबह पुलिस एनकाउंटर के बाद घायल युवक भरत तिवारी की मौत हो गई है। घटना में युवक के पैर और जांघ में गोली लगी थी। गंभीर हालत में उसे पहले आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया। अभी अभी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाज के दौरान आरोपी युवक।की पटना में मौत हो गई है।






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