बिहार में कमजोर पड़ सकता है मानसून! 20% तक कम बारिश के आसार, कई जिलों में सूखे और जल संकट का खतरा
बिहार में मौसम ने अब चिंता बढ़ानी शुरू कर दी है। उमस और हीट वेव के बीच अब कमजोर मानसून का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई है, जिससे सूखे और जल संकट का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। अनुमान है कि इस बार बिहार में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है।पटना। समेत पूरे बिहार में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कहीं उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है तो कहीं हीट वेव जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच मौसम विभाग की रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। अनुमान है कि इस बार बिहार में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले बिहार पहुंच सकता है। मानसून के 8 से 10 जून के बीच दस्तक देने की संभावना है, जबकि आमतौर पर यह 15 जून के आसपास आता है। वहीं 26 मई तक केरल में मानसून के प्रवेश के संकेत भी मिल रहे हैं।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल तीन बार ही सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। पिछले वर्ष बिहार में महज 686.3 मिमी वर्षा हुईविशेषज्ञों का कहना है कि इस बार अल नीनो और सुपर अल नीनो का असर मानसून पर साफ दिखाई दे सकता है। इसके कारण हिंद महासागर और अरब सागर से आने वाली ठंडी और नमीयुक्त हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे बारिश में भारी कमी आती है।
सबसे ज्यादा असर बिहार के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
भूजल स्तर गिरने, पेयजल संकट और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश किसानों की चिंता बढ़ा सकती है।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल तीन बार ही सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। पिछले वर्ष बिहार में महज 686.3 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य मानक से काफी कम थी।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, बदलता मौसम चक्र और अल नीनो जैसे कारक बिहार के मानसून पैटर्न को लगातार प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की हर अपडेट बेहद अहम रहने वाली है।
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