भीषण गर्मी का कहर: सीवान में कक्षा 8 तक के स्कूल बंद, डीएम का बड़ा आदेश जारी
सीवान जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल असर को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह आदेश 27 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन के इस फैसले से अभिभावकों और छात्रों को राहत मिली है।
जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8 तक की भौतिक शैक्षणिक गतिविधियां 27 मई 2026 तक स्थगित रहेंगी।सीवान। जिले में इन दिनों तापमान लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। दोपहर के समय चल रही तेज गर्म हवाओं और उमस ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों के संचालन पर नई गाइडलाइन जारी की है।
जिला दंडाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8 तक की भौतिक शैक्षणिक गतिविधियां 27 मई 2026 तक स्थगित रहेंगी।
कक्षा 8 से ऊपर की क्लास सुबह 11 बजे तक
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार कक्षा 8 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 11 बजे तक ही किया जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि छात्र-छात्राएं दोपहर की भीषण गर्मी और लू से सुरक्षित रह सकें।
हालांकि विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को विद्यालय और कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने नियमित कार्यों का निष्पादन करना होगा। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता
डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम विभाग की चेतावनी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के बाद यह निर्णय लिया गया है।
जिले के शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रतिलिपि भेज दी गई है ताकि आदेश का पालन हर स्तर पर सुनिश्चित किया जा सके।
अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत
प्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। कई अभिभावकों का कहना है कि दोपहर में स्कूल से लौटते समय बच्चों को चक्कर, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में स्कूल बंद करने का निर्णय बच्चों के हित में है।
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