पेट्रोल-डीजल ने फिर दिया महंगाई का बड़ा झटका! 5 दिनों में दूसरी बार बढ़े दाम, कच्चा तेल 100 डॉलर पार
देश की आम जनता के लिए मंगलवार की सुबह एक और महंगाई भरी खबर लेकर आई। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। इस बार दोनों ईंधनों के दाम में 0.90 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। यानी बीते 5 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल कुल 3.90 रुपये प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
महज पांच दिनों के भीतर फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम में 0.90 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है।
नई दिल्ली। लगातार दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई यह ताजा बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब पहले से ही महंगाई लोगों की कमर तोड़ रही है। तेल कंपनियों ने शुक्रवार, 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। अब महज पांच दिनों के भीतर फिर से 0.90 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है।
इस तरह 5 दिनों के अंदर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल 3.90 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ रही कीमतों से आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और भू-राजनीतिक हालात के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। सप्लाई में बाधा आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी कच्चे तेल की कीमतें इस स्तर तक पहुंचती हैं, तो इसका असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर सीधा पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई देता है।
तेल कंपनियों को हो रहा था भारी नुकसान
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1000 से 1200 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
15 मई को 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद इस नुकसान में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आई थी।
हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण कंपनियों पर दबाव बना हुआ था। इसी वजह से अब कंपनियों ने कीमतों में फिर इजाफा कर दिया है।
लंबे समय तक तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल का बोझ खुद उठाया, लेकिन अब कंपनियां इस भार को उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं।
चार महानगरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम
ताजा बढ़ोतरी के बाद देश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए गए हैं।
दिल्ली
पेट्रोल: 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर
डीजल: 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर
मुंबई
पेट्रोल: बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर
डीजल: बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता
पेट्रोल: बढ़कर 109.70 रुपये प्रति लीटर
डीजल: बढ़कर 96.07 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई
पेट्रोल: बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर
डीजल: बढ़कर 96.11 रुपये प्रति लीटर
ताजा बढ़ोतरी के बाद बिहार की राजधानी पटना में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं।
पटना में पेट्रोल: लगभग 109.48 रुपये प्रति लीटर
पटना में डीजल: लगभग 96.24 रुपये प्रति लीटर
लगातार बढ़ रही कीमतों से बिहार के लोगों की जेब पर भी सीधा असर पड़ रहा है, खासकर ट्रांसपोर्ट, खेती और रोजमर्रा के खर्चों पर इसका असर दिखना तय माना जा रहा है।
आम लोगों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन लागत पर पड़ता है, जिससे खाने-पीने की चीजें, सब्जियां, दूध, फल और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं महंगी हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।
आगे क्या होगा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और मिडिल-ईस्ट की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर हालात सामान्य नहीं होते हैं, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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