सावधान भारत: 20 मई को ठप पड़ेगी दवा सप्लाई! ई-फार्मेसी के खिलाफ 12.5 लाख मेडिकल स्टोर हड़ताल पर
ऑनलाइन कंपनियों की ओर से दवाओं की डोर-टू-डोर सप्लाई के विरोध में देशभर के केमिस्ट 20 मई 2026 को एकदिवसीय बंदी पर रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने भी पूर्ण समर्थन की घोषणा की है। पटना के गोविंद मित्रा रोड स्थित दवा होलसेल मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी पर सख्त नियम बनाने की मांग उठाई।
ऑनलाइन दवाओं से “शरीर से खिलवाड़” का आरोप
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कई बार मरीज जरूरत से ज्यादा दवा मंगा लेते हैं, जो बाद में बच जाती है और फिर दूसरी बीमारी में बिना सलाह के इस्तेमाल कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल दुकानों पर जरूरत के अनुसार दवा काटकर दी जाती है, जबकि ऑनलाइन पूरा स्ट्रिप भेजा जाता है और बची दवा वापस भी नहीं ली जाती। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
छोटे केमिस्ट के अस्तित्व पर संकट
प्रसन्न कुमार सिंह ने कहा कि ई-फार्मेसी के कारण छोटे दवा दुकानदारों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। सरकार द्वारा दवा की कीमत और मार्जिन तय है—
रिटेलर को लगभग 20% मार्जिन
होलसेलर को अधिकतम 10% मार्जिन
इसी में किराया, स्टाफ और रखरखाव का खर्च शामिल होता है। ऐसे में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 40–50% तक की छूट देकर दवा कैसे बेच रहे हैं, यह बड़ा सवाल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियां छोटे दुकानदारों को खत्म करने के लिए नुकसान सहकर बाजार पर कब्जा करना चाहती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं?
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ई-फार्मेसी को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा।
कोविड-19 आपातकाल के दौरान 26 मार्च 2020 को केंद्र सरकार ने G.S.R 220(E) अधिसूचना जारी कर ऑनलाइन दवा सप्लाई की अनुमति दी थी, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद भी इसमें संशोधन या वापसी नहीं हुई।
फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री का आरोप
एसोसिएशन ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा:
AI से फर्जी डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन बनाए जा रहे हैं
ऑनलाइन अबॉर्शन दवाएं बिना जांच के मंगाई जा रही हैं
नारकोटिक्स और शेड्यूल H1 की दवाएं भी ऑनलाइन सप्लाई हो रही हैं
उन्होंने कहा कि वे ई-फार्मेसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनके लिए सख्त नियम जरूरी हैं।
12.5 लाख दवा दुकानें रहेंगी बंद
20 मई को:
देशभर की करीब 12.5 लाख दवा दुकानें बंद
बिहार की 40,000+ मेडिकल शॉप बंद
पटना में करीब 7,000 दुकानें शटर डाउन
हालांकि, आपात स्थिति के लिए अस्पताल और नर्सिंग होम के आसपास की मेडिकल दुकानें खुली रहेंगी। संगठन ने प्रशासन को जानकारी दे दी है और जरूरत पड़ने पर 1–2 घंटे में होलसेल मंडी से दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
बतादें की 20 मई के दिन पटना की होलसेल दवा मंडी और सभी C&F (कैरी एंड फॉरवर्डिंग) एजेंसियां भी पूरी तरह बंद रहेंगी। इस दौरान लोगों को काफी पेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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