पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का बड़ा वार! 4 साल बाद कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी, आम आदमी की जेब पर सीधा असर
ईरान-अमेरिका तनाव का सीधा असर: बिहार में पेट्रोल-डीजल पर फूटा महंगाई बम, एक झटके में 3 रुपये तक बढ़े दाम
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी का असर अब बिहार समेत पूरे देश में दिखने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा इजाफा कर दिया है। शुक्रवार 15 मई 2026 से लागू नई कीमतों के बाद बिहार में पेट्रोल और डीजल करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। राजधानी पटना से लेकर नालंदा तक आम लोगों की जेब पर महंगाई का सीधा असर पड़ने लगा है।
पटना में पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपये से बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।करीब चार साल तक स्थिर रहने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने और लगातार हो रहे भारी नुकसान की वजह से यह फैसला लेना पड़ा।
पटना में पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपये से बढ़कर 108.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। यानी एक ही झटके में 3.32 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल की कीमत 91.65 रुपये से बढ़कर 94.65 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह नालंदा में भी पेट्रोल 109.19 रुपये और डीजल 95.24 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। नई दरें शुक्रवार सुबह से लागू कर दी गई हैं।
बिहार में नए रेट
पटना
- पेट्रोल – 108.67 रुपये प्रति लीटर
- डीजल – 94.65 रुपये प्रति लीटर
नालंदा
- पेट्रोल – 109.19 रुपये प्रति लीटर
- डीजल – 95.24 रुपये प्रति लीटर
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आई है। कुछ समय पहले तक 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बिकने वाला क्रूड ऑयल अब बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान-अमेरिका संघर्ष और सप्लाई को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहरा गया है।
इसका सीधा असर भारत की सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ा। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय तक पुराने रेट पर तेल बेच रही थीं, जबकि खरीद महंगी हो रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियों को रोजाना 1600 से 1700 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। आखिरकार घाटे को कम करने के लिए कंपनियों ने कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया।
बिहार में कितना लगता है टैक्स?
बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों का टैक्स शामिल होता है। केंद्र सरकार मार्च 2026 में एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती कर चुकी है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई।
इसके बावजूद बिहार सरकार पेट्रोल पर करीब 24.37 प्रतिशत VAT वसूलती है, जो लगभग 22 से 23 रुपये प्रति लीटर बैठता है। वहीं डीजल पर करीब 19 प्रतिशत VAT लिया जाता है, जो करीब 16 से 17 रुपये प्रति लीटर के बराबर है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी भी हलचल का असर सीधे उपभोक्ताओं पर दिखाई देता है।
आम लोगों पर पड़ेगा बड़ा असर
पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियां, दूध, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी महंगी हो सकती हैं। आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बिहार में पहले से ही बढ़ती गर्मी और आर्थिक दबाव के बीच ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम लोगों की परेशानी और बढ़ा सकती है।
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