RJD विधायक को गिरफ्तार करने पटन MLA आवास पहुंची पुलिस, इसी बीच हाई कोर्ट का आया फैसला, गिरफ्तारी पर तत्काल लगाई रोक!
सीवान के रघुनाथपुर से RJD विधायक और दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को सीवान पुलिस ने पटना स्थित उनके सरकारी MLA फ्लैट पर छापेमारी की। पुलिस टीम को मौके पर विधायक नहीं मिले। इसी बीच पटना हाई कोर्ट का आदेश सामने आया है जिसमें ओसामा की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई है।
पटना में MLA आवास पर छापेमारी करने पहुंची पुलिससीवान। पुलिस की टीम बुधवार को पटना पहुंची और कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित MLA फ्लैट में सर्च ऑपरेशन चलाया। छापेमारी के दौरान ओसामा शहाब अपने सरकारी आवास पर मौजूद नहीं थे। आवास के अंदर मौजूद उनके दो-तीन करीबी लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया गया कि मामले में कोर्ट से स्टे मिला हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित दस्तावेज की मांग की। इस कार्रवाई का नेतृत्व सीवान के एडिशनल एसपी अजय सिंह कर रहे हैं। हालांकि, मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से उन्होंने इनकार कर दिया। छापेमारी में कोतवाली थानाध्यक्ष अजय कुमार, एडिशनल थानाध्यक्ष बमबम कुमार, एएसआई अरविंद निराला समेत दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने पूरे सर्च ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की।
पटना हाईकोर्ट की राहत: RJD विधायक ओसामा शहाब की गिरफ्तारी पर रोक
पटना हाईकोर्ट ने सीवान कोर्ट के आदेश को पलटते हुए राजद विधायक ओसामा शहाब की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला उस समय आया जब सीवान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पटना स्थित उनके सरकारी आवास तक पहुंच चुकी थी।
क्या है पूरा मामला
मामला सीवान के महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव में जमीन विवाद से जुड़ा है। गोपालगंज निवासी डॉ. सुधा सिंह ने अपने पति डॉ. विनय कुमार सिंह के साथ खरीदी गई जमीन पर निर्माण कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। डॉ. विनय कुमार ने सितंबर 2024 में उक्त जमीन खरीदी थी, जिसके सभी कागजात दंपति के संयुक्त नाम पर दर्ज बताए गए हैं।
करीब चार महीने पहले जब उन्होंने जमीन पर चारदीवारी और एक कमरे का निर्माण शुरू कराया, तब विधायक ओसामा शहाब ने उस भूमि पर दावा जताते हुए काम रोकने को कहा। पीड़िता के अनुसार दस्तावेज दिखाने के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया था कि कागजात सही होने पर निर्माण नहीं रोका जाएगा।
फोन पर धमकी और मारपीट का आरोप
शिकायत के मुताबिक, 14 अप्रैल को फोन कर निर्माण कार्य बंद कराने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसके बाद 30–40 लोग हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे, मजदूरों के साथ मारपीट की, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और मजदूरों के मोबाइल व मशीनें छीन लीं। इस घटना में फरहान और साबिर नामक दो व्यक्तियों को विशेष रूप से नामजद किया गया है।
इस मामले में महादेवा थाने में विधायक ओसामा शहाब समेत तीन नामजद और 30–35 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस क्या कह रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि चिकित्सक दंपति के आवेदन पर मामले की जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि 14 अप्रैल को भूमि विवाद से संबंधित एक अन्य आवेदन मिला था, जिसमें आपराधिक पहलू स्पष्ट नहीं था, लेकिन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। महादेवा थानाध्यक्ष विनीत विनायक ने भी मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही है।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
यह पहला अवसर नहीं है जब विधायक ओसामा शहाब का नाम किसी आपराधिक मामले में सामने आया है। हाल ही में एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी में दो पक्षों के बीच मारपीट के मामले में गिरफ्तार आरोपी चंदन सिंह ने भी विधायक और उनके करीबी डब्लू खान पर साजिश के तहत हमला कराने का आरोप लगाया था। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद ओसामा शहाब की गिरफ्तारी पर रोक है, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है।
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