Pakistan ने जिस आतंकवाद को पनाह दी, वही अब बना सबसे बड़ा दुश्मन! बाजौर में आत्मघाती हमले से पाकिस्तान में हाहाकार, 15 सैनिकों की मौत
पाकिस्तान में आतंकवाद एक बार फिर खूनी खेल खेल रहा है। खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर इलाके में हुए बड़े आत्मघाती हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर वार किया है। हादसे में करीब 15 पाकिस्तानी सैनिकों की मारे जाने की खबर है। बतादें को पाकिस्तान ने जिस आतंकवाद को कभी रणनीति और ‘एसेट’ समझकर पाला था, अब वही पाकिस्तान की सेना और पुलिस को निशाना बना रहा है।
15 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और 50 से अधिक घायल होने की खबर सामने आई है।
पाकिस्तान। के बाजौर इलाके में सेना के कैंप पर बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमलावरों ने पहले विस्फोटकों से हमला किया और फिर हथियारों के साथ कैंप में घुसने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लंबी मुठभेड़ चली। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार करीब 15 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और 50 से अधिक घायल होने की खबर सामने आई है।
TTP ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुटों ने ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संगठन ने दावा किया कि उसकी ‘स्पेशल इस्तशहादी फोर्स’ ने इस हमले को अंजाम दिया। पाकिस्तान में हाल के महीनों में TTP लगातार सक्रिय हुआ है और सेना-पुलिस को निशाना बना रहा है।
खैबर पख्तूनख्वा बना आतंक का गढ़
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत लंबे समय से आतंकवाद की आग में झुलस रहा है। बाजौर, बन्नू, लक्की मरवत जैसे इलाके लगातार हमलों का केंद्र बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही बन्नू जिले में पुलिस चौकी पर कार बम और फायरिंग के जरिए बड़ा हमला हुआ था, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए थे।
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खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर इलाके में हुए आत्मघाती हमले।विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद पाकिस्तान में TTP की गतिविधियां और बढ़ी हैं। पाकिस्तान सरकार लगातार आरोप लगाती रही है कि सीमा पार से आतंकियों को समर्थन मिल रहा है, हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
सोशल मीडिया पर भी लोग बोले,“जैसी करनी वैसी भरनी”
पाकिस्तान पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि उसने वर्षों तक आतंकवादी संगठनों को समर्थन दिया। अब वही आतंकी संगठन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग यही कह रहे हैं कि “जिस आग को पाकिस्तान ने लगाया था, अब उसी में खुद जल रहा है।” हालांकि, यह भी सच है कि आतंकवाद का शिकार आम लोग और सुरक्षाकर्मी बन रहे हैं, जिसकी हर स्तर पर निंदा होनी चाहिए।
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