अफसरों से जूते साफ करवाऊंगा…बयान पड़ा भारी, आजम खान दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा
उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan को 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में बड़ा झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक जनसभा में डीएम और अन्य सरकारी अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में वह कहते नजर आए थे।
“कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो… ये तनख्वाहिया हैं… मायावती जी के फोटो में बड़े-बड़े अफसर जूते साफ कर रहे थे… अल्लाह ने चाहा तो इन्हीं से जूते साफ करवाऊंगा…”
इस बयान को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन और सरकारी अधिकारियों को धमकाने वाला माना गया था। इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला पिछले करीब सात साल से कोर्ट में चल रहा था। पिछली सुनवाई में अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब कोर्ट ने आखिरकार अपना फैसला सुना दिया।
फिलहाल आजम खान रामपुर जेल में बंद हैं। इस मामले में उनके वकीलों और अभियोजन पक्ष ने अदालत में जोरदार बहस की थी। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उन्हें दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई।
आजम खान पर पहले से कई मामलों में सजा
आजम खान के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं। दो पैन कार्ड फ्रॉड केस में उन्हें और बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की जेल और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिल चुकी है। अप्रैल 2026 में सेशन कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा था।
इसके अलावा डूंगरपुर कॉलोनी जबरन बेदखली और लूट मामले में उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में भी आजम खान, पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की जेल हो चुकी है। हेट स्पीच, भड़काऊ भाषण, फर्जी हथियार लाइसेंस और सरकारी कार्य में बाधा जैसे कई मामलों में भी उन्हें अलग-अलग सजाएं मिल चुकी हैं।
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