सीवान कोर्ट में फिर ‘नो-शो’ लालू प्रसाद यादव! आचार संहिता केस में कुर्की की तलवार और धारदार, बढ़ी सियासी हलचल
बिहार की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सीवान से सामने आई है। चुनावी आचार संहिता उल्लंघन मामले में 12 मई 2026 को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन तय तारीख पर भी राजद प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अदालत नहीं पहुंचे। उनकी लगातार अनुपस्थिति को लेकर पहले ही कुर्की की प्रक्रिया का आदेश जारी हो चुका है, जिससे मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (फाइल फोटो)
सीवान। चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सीवान के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (ACGM-I) अरविंद कुमार सिंह की अदालत में 12 मई को पेशी तय थी। लालू प्रसाद यादव को एक दिन पहले यानी 11 मई को सीवान पहुंचना था, लेकिन निर्धारित तिथि पर वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
इस मामले में लगातार अनुपस्थित रहने पर कोर्ट पहले ही कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दे चुका है। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिए जाने पर पहले आदेश को स्थगित करते हुए उन्हें पेश होने का निर्देश दिया गया था।
क्या है पूरा आचार संहिता उल्लंघन मामला
यह मामला वर्ष 2011 के बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। बताया जाता है कि 8 अक्टूबर 2011 को 109 दारौंदा विधानसभा क्षेत्र में राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार करने लालू प्रसाद यादव पहुंचे थे।
उस इलाके में 12 सितंबर 2011 से निषेधाज्ञा लागू थी। बिना अनुमति चुनाव प्रचार और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक थी। आरोप है कि लालू यादव ने शाम 5 बजे ध्वनि विस्तारक यंत्र से भाषण दिया था।
जिसके बाद तत्कालीन अंचलाधिकारी सह उड़नदस्ता प्रभारी शंकर महतो ने निरीक्षण के बाद थाना कांड संख्या 146/11 दर्ज कराई और लालू प्रसाद यादव व परमेश्वर सिंह को अभियुक्त बनाया था।
जिसके बाद मामले में अदालत ने भादवि की धारा 188 के तहत संज्ञान लिया था। बाद में सह-अभियुक्त परमेश्वर सिंह के निधन के बाद केस केवल लालू यादव पर चल रहा है।
गैरहाजिरी पर वारंट और अब कुर्की की नौबत
अदालत ने पहले दो बार गैर-जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं होने पर पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। बार-बार रिमाइंडर के बावजूद अनुपालन नहीं हुआ। अंततः कोर्ट ने कुर्की की प्रक्रिया तेज करने का आदेश दिया। हालांकि, बचाव पक्ष का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों के चलते पूर्व में आदेश स्थगित किया गया था।
तय था सीवान दौरा, जारी हुआ था टूर प्रोग्राम
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार लालू प्रसाद यादव को 11 मई को पटना से सीवान आना था। सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करना था। 12 मई सुबह 7:20 बजे कोर्ट पहुंचना था। जिसमें उन्हें Z+ सुरक्षा के तहत फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई थी। लेकिन तय कार्यक्रम के बावजूद वे अदालत नहीं पहुंचे।
अब आगे क्या?
लालू यादव की लगातार अनुपस्थिति के बाद अब इस मामले में कुर्की की प्रक्रिया फिर तेज होने की संभावना जताई जा रही है। अगली तारीख पर अदालत का रुख बेहद अहम माना जा रहा है।
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