रक्षक ही भक्षक? DIG समेत 4 पुलिसवालों पर 30 लाख की डकैती का केस दर्ज करने का आदेश, कोर्ट ने जारी की समन
जिस वर्दी पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, उसी पर जब डकैती का आरोप लगे तो मामला सुर्खियों में आना तय है। ग्वालियर की विशेष सत्र अदालत ने एक बड़े आदेश में IPS अधिकारी राजेश चंदेल समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, लूट और आपराधिक साजिश का केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 22 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी कर दिया है।
डकैती और साजिश केस में IPS अधिकारी राजेश सिंह चंदेल को कोर्ट में पेश होने का निर्देश।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2024 का है, जिसकी सुनवाई पिछले दो वर्षों से चल रही थी। शिकायतकर्ता अनूप राणा ने अदालत में आरोप लगाया कि ग्वालियर के थाटीपुर थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसके परिवार से करीब 30 लाख रुपये की अवैध वसूली की।
11 मई को हुई सुनवाई में विशेष सत्र अदालत ने आदेश दिया कि IPS राजेश चंदेल (तत्कालीन SP ग्वालियर, वर्तमान DIG भोपाल ग्रामीण)
तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह
सब इंस्पेक्टर अजय सिंह
हवलदार संतोष वर्मा
के खिलाफ डकैती, लूट और साजिश का मामला दर्ज किया जाए। सभी को 22 जून को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा गया है।
आरोप क्या हैं?
पीड़ित पक्ष के अनुसार- 420 के एक केस में “समझौता कराने” के नाम पर पहले 5.80 लाख रुपये लिए गए। बाद में थाने बुलाकर करीब 25 लाख रुपये और वसूले गए। पैसे देने से इनकार करने पर शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया। मामले की शिकायत SP से की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा गिरफ्तारी कर दी गई। 2024 में जेल से बाहर आने के बाद अनूप राणा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और पुलिस पर लूट, साजिश और सबूत मिटाने के आरोप लगाए।
CCTV फुटेज पर कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने थाने के CCTV फुटेज मांगे। पुलिस ने जवाब दिया कि 3 जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे गंभीर माना।
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि मामला नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की जांच से जुड़ा था और शिकायतकर्ता उसी रैकेट का हिस्सा था।
वहीं पीड़ित पक्ष का दावा है कि वह खुद ठगी का शिकार था और अपने भाई की मदद के लिए थाने पहुंचा था, लेकिन उसे ही आरोपी बना दिया गया। परिवार का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम की वसूली बिना तत्कालीन थाना प्रभारी और SP की जानकारी के संभव नहीं थी।
किन धाराओं में केस?
कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ—
धारा 393 – लूट/लूट का प्रयास
धारा 201 – सबूत मिटाना (CCTV मामला)
धारा 120B – आपराधिक साजिश
के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अब सबकी नजर 22 जून पर है, जब आरोपियों को कोर्ट में पेश होना होगा।
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