भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन?. पेट्रोल-डीजल के कीमतों पर अफवाहों का सरकार ने किया खंडन, जानिए क्या है सच्चाई

देश में लॉकडाउन और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर फैली अफवाहों पर अब सरकार ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा है कि न तो देश में किसी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना है और न ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के पास ईंधन और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित बनी हुई है।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार देश में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है। 

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में हाल के दिनों में यह अफवाहें तेजी से फैल रही थीं कि चुनाव परिणामों के बाद केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है और देश में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। इन दावों को लेकर आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। 

अब इन सभी अफवाहों पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।

 लॉकडाउन को लेकर क्या कहा सरकार ने?

हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट कहा है कि देश में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही यह खबर पूरी तरह निराधार है।

 पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बयान

मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले कई वर्षों से, खासकर 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा इजाफा नहीं किया गया है। कई राज्यों में चुनाव हुए, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने दाम स्थिर रखे हैं।

 देश में ईंधन का कितना स्टॉक है?

सरकार के अनुसार भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त भंडार मौजूद है। 

कच्चा तेल (Crude Oil): लगभग 60 दिनों का स्टॉक

एलपीजी (LPG): लगभग 45 दिनों का स्टॉक

एलएनजी (LNG): लगभग 60 दिनों का स्टॉक

सरकार का कहना है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इन भंडारों को और मजबूत किया जा रहा है।

 तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव

मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण तेल कंपनियों को भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान के मुताबिक, कंपनियों को प्रतिदिन हजारों करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है।

 एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी

सरकार ने एलपीजी उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि की है। पहले जहां उत्पादन क्षमता लगभग 36,000 मीट्रिक टन थी, उसे बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन तक कर दिया गया है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

 सरकार का संदेश

सरकार का कहना है कि वैश्विक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद देश की आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित है और आम जनता पर किसी तरह का अतिरिक्त भार डालने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

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