भवानीपुर से ब्रिगेड ग्राउंड तक… शुभेंदु अधिकारी के नाम पर लगी सीएम की मुहर
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का दौर शुरू हो गया है। लंबे समय तक सत्ता पर काबिज रही ममता बनर्जी सरकार के बाद अब राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार बनने जा रही है। कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक में शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी। अब शुभेंदु अधिकारी 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
पश्चिम बंगाल: की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया है। इसी के साथ राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। चुनाव में ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देने वाले और भवानीपुर सीट से बड़ी जीत दर्ज करने वाले शुभेंदु अधिकारी अब बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे।
कोलकाता में आयोजित बीजेपी विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहे। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय पर्यवेक्षक भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी के नाम का समर्थन किया, जिसके बाद उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी 9 मई की सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह समारोह बेहद भव्य होने वाला है। खास बात यह है कि 9 मई को रवींद्र जयंती भी मनाई जाती है, ऐसे में बीजेपी इस दिन को सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। समारोह को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि नई सरकार में दो डिप्टी सीएम भी बनाए जा सकते हैं। इससे बंगाल की राजनीति में नए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण देखने को मिल सकते हैं। बीजेपी नेतृत्व राज्य में संतुलित राजनीतिक संदेश देने की रणनीति पर काम कर रहा है।
इधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने 7 मई को विधानसभा भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी। कोलकाता गजट में प्रकाशित आधिकारिक सूचना के अनुसार, बीजेपी की जीत के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब सबकी नजरें 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और शुभेंदु अधिकारी की नई सरकार पर टिकी हुई हैं।
Comments
Post a Comment