बंगाल चुनाव: एग्ज़िट पोल से गरमाई सियासत, हिंसा के बीच रिकॉर्ड वोटिंग ने बदला खेल! सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC

पश्चिम बंगाल: की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्ण बहुमत के दावों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आत्मविश्वास के बीच एग्ज़िट पोल ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। संकेत मिल रहे हैं कि इस बार राज्य की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

पिछले करीब 50 वर्षों से पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजे अक्सर एकतरफा रहे हैं—चाहे वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हो, लेफ्ट फ्रंट हो या फिर TMC—जिसे भी जीत मिली, उसे भारी बहुमत मिला। लेकिन इस बार का चुनाव कई मायनों में अलग नजर आ रहा है।

हिंसा के साये में चुनाव, लेकिन बदली तस्वीर

पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा के लिए बदनाम रहा है। बूथ कब्जा, धांधली, राजनीतिक हत्याएं, और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी घटनाएं यहां आम रही हैं।

लेकिन इस बार भारत निर्वाचन आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों की सख्ती ने माहौल को काफी हद तक बदला है। यही वजह है कि मतदान प्रक्रिया अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मानी जा रही है।

 रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग ने बढ़ाई धड़कनें

पहले चरण में 152 और दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान हुआ। सबसे बड़ी बात—अब तक किसी भी बूथ पर दोबारा मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।

दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 92.47% रहा, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। बताया जा रहा है कि आज़ादी के बाद यह पश्चिम बंगाल में अब तक का सबसे अधिक मतदान है।

इस भारी मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जहां पहले आरोप लगते थे कि मतदाताओं को डराकर वोट डलवाए जाते हैं, वहीं इस बार महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी ने नया संदेश दिया है।

TMC vs BJP: दावों की जंग

TMC का दावा है कि ज्यादा मतदान उनके पक्ष में जाएगा और 4 मई को BJP का “सूपड़ा साफ” हो जाएगा। वहीं BJP एग्ज़िट पोल के आधार पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।



 सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC

मामला अब अदालत तक भी पहुंच चुका है। TMC ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद TMC ने अपील की है।

याचिका में चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें वोटों की गिनती के लिए केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को सुपरवाइजर नियुक्त करने की बात कही गई है।
इस मामले की सुनवाई के लिए जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की स्पेशल बेंच आज 2 मई को सुनवाई करेगी।


Report: Priyanshu kumar Singh 




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