सीवान में सड़क जाम बना कानूनी संकट: 41 लोगों पर FIR दर्ज,करीब दो घंटे शहर की लाइफलाइन ठप रहने के बाद प्रशासन का सख्त रुख।


सीवान। जीपी चौक पर शुक्रवार को सड़क पर युवक की शव रखकर न्याय की मांग कर रहे पीड़ित परिजनों के खिलाफ सीवान पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने 11 नामजद 30 अज्ञात समेत कुल 41 के खिलाफ प्राथमिकी की है। 


प्रशासन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया है कि 1 मई को करीब 11:00 दिन में नगर थाने की पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई कि शहर के जेपी चौक पर कुछ व्यक्तियों के द्वारा मुख्य सड़क को पूरी तरह से बंद कर दिया है। 

प्राप्त सूचना के आधार पर नगर थाना पुलिस एवं अन्य पुलिस बल द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया। 

जांच के क्रम में पाया गया कि एक मृतक के शव को सड़क पर रखकर कुछ व्यक्तियों द्वारा मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया था, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ तथा यातायात व्यवस्था लगभग 2 घंटे तक बाधित रही।


 इस दौरान एम्बुलेंस सहित अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी जाम में फंसे रहे, जिससे आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पुलिस एवं वरीय पदाधिकारियों द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद जाम नहीं हटाया गया तथा हंगामा किया गया, जो विधि-व्यवस्था के विरुद्ध है।

उक्त मामले में नगर थाना द्वारा 11 नामजद एवं 30 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कांड दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला।

दरअसल नगर थाना क्षेत्र के नवलपुर तकिया के समीप बीते 23 मार्च को मोहल्ले में बच्चों के बीच हुए एक मामूली विवाद ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया था। इसी विवाद की जानकारी लेने शमी अपने बड़े भाई के साथ नवलपुर तकिया के पास पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने साजिश के तहत उन पर हमला कर दिया। इस घटना में गंभीर रूप से घायल 16 वर्षीय नवलपुर निवासी किशोर शमी की शुक्रवार 1 मई को इलाज के दौरान मौत हो गई। 



किशोर की मौत की सूचना पर लोग हुए आक्रोशित सड़क को किया जाम 

इधर गंभीर रूप।से घायल 16 वर्षीय किशोर शमी की 
 असमय मौत की खबर मिलते ही पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई, लोग आक्रोशित हो गए और देखने ही देखते शहर के मुख्य चौराहा जेपी चौक पर मृतक के शव को रखकर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। परिजनों का कहना था कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है।



लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से शमी पर हुई थी हमला: परिजन


परिजनों के अनुसार हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से शमी और उसके परिजनों पर हमला किया था। इस हमले में शमी को गंभीर चोटें आईं, जबकि उसके छोटे भाई सहित अन्य परिजन भी घायल हो गए।


 घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर शमी की हालत नाजुक देखते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया गया था। करीब 30 दिनों तक गोरखपुर के अस्पताल में उसका इलाज चला बावजूद इसके उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ और अंततः शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया था।


Report: Priyanshu kumar Singh 


 






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