नवादा में ‘मौत का आतंक’: खूंखार हाथी ने युवक को पटक-पटक कर मार डाला
बिहार के नवादा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर हाथी ने इंसानी बस्ती में घुसकर ऐसा खौफनाक मंजर बनाया कि पूरे इलाके में डर और आक्रोश फैल गया है।
पूरी खबर:
नवादा: जिले के गोविंदपुर प्रखंड स्थित माधोपुर पंचायत के जेठसारी टोला (आनंद नगर) में शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक जंगली हाथी ने 58 वर्षीय बच्चू राम को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डाला। मृतक, स्वर्गीय बंधु राम के पुत्र थे।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं गांव में मातम और डर का माहौल पसरा हुआ है।
सूचना मिलते ही थाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया।
एक महीने में दूसरी मौत:
चौंकाने वाली बात यह है कि इसी पंचायत में 8 अप्रैल को भी हाथी के हमले में एक महिला की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
वन विभाग का बयान:
मौके पर पहुंचे वन विभाग के रेंजर राकेश कुमार के अनुसार, करीब 24 हाथियों का झुंड पिछले एक महीने से इलाके में सक्रिय था, जिसे रजौली जंगल की ओर खदेड़ा गया था। हालांकि, एक हाथी अब भी भटक रहा है और वही इन हमलों के पीछे बताया जा रहा है। उन्होंने मुआवजे का आश्वासन दिया है।
रात होते ही गांव में घुस आता है हाथियों का झुंड
ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही हाथियों का झुंड गांवों में घुस आता है और जो भी सामने पड़ता है, उसे कुचल देता है।
स्थानीय लोगों में डर इस कदर बैठ गया है कि अब शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और सुबह-सुबह बाहर निकलने वाले बुजुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। माधोपुर समेत आसपास के कई गांवों में पिछले एक महीने से यह जंगली आतंक लगातार जारी है।
लगातार हो रहे मौत की घटना के बाद शनिवार सुबह सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सड़क जाम कर वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि विभाग के पास न तो कोई ठोस रणनीति है और न ही हाथियों को रोकने की प्रभावी व्यवस्था। सिर्फ कागजी कार्रवाई और औपचारिक शोर-शराबे तक ही सीमित रहकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने का दावा कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए है।
Report: Priyanshu kumar Singh
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