महाराजगंज में पसरा मातम, उन्नाव बस हादसे में दरोगा रवि चरण राम की दर्दनाक मौत तीन बेटों और दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, गांव में शोक की लहर
उन्नाव सड़क हादसे ने महाराजगंज के बिशुनपुर महुआरी गांव में गहरा मातम पसार दिया। बिहार पुलिस में तैनात दरोगा रवि चरण राम की दर्दनाक मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। अपने ईमानदार स्वभाव, मिलनसार व्यवहार और लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले रवि चरण राम सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए एक भरोसेमंद सहारा माने जाते थे। रिटायरमेंट से पहले हुई इस हादसे ने परिवार समेत पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
पटना। उन्नाव सड़क हादसे ने सीवान जिले के महाराजगंज थाना अंतर्गत बिशुनपुर महुआरी गांव से एक ऐसा चेहरा छीन लिया, जिसने पूरी जिंदगी परिवार और समाज के लिए समर्पित कर दी। बिहार पुलिस में दरोगा के पद पर तैनात 59 वर्षीय रवि चरण राम की दर्दनाक मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घर से लेकर गांव की गलियों तक सिर्फ मातम और चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
बताया जाता है कि 'प्रोबेशनरी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर' (प्रा. अ. नि.) रवि चरण राम वर्तमान में सीवान पुलिस लाइन में पदस्थापित थे और कुछ ही समय बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। परिवार को उम्मीद थी कि नौकरी से रिटायर होने के बाद अब वे घर-परिवार के साथ समय बिताएंगे, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा सब कुछ उजाड़ गया।
घटना की जानकारी पाकर रोते-बिलखते परिजन
मंगलवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र में दिल्ली से गोरखपुर जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हो गए। इसी दुर्घटना में दरोगा रवि चरण राम ने भी दम तोड़ दिया।
रवि चरण राम अपने परिवार की रीढ़ थे। उनके तीन बेटे - राजू राम, सोनू कुमार और दीपक कुमार-तथा दो बेटियां अंजली और चंदा कुमारी हैं। बड़े बेटे और दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है।
पिता की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद गांव में हर आंख नम है।
ग्रामीण बताते हैं कि रवि चरण राम बेहद सरल, मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव में किसी के यहां सुख हो या दुख, वे हर समय सबसे आगे खड़े नजर आते थे। यही वजह है कि उनके निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
खबर मिलते ही परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए
जानकारी के अनुसार, सीवान मंडल कारा जेल में बंद हत्या के आरोपित कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर को पेशी के लिए पुलिस टीम गुरुग्राम कोर्ट लेकर गई थी। पेशी के बाद पुलिस टीम बस से वापस लौट रही थी। इसी दौरान मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे उन्नाव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में करीब 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन पुलिसकर्मी समेत दो दर्जन लोग घायल है।
हादसे की सूचना परिजनों को फोन कॉल के माध्यम से मिली।
महाराजगंज एसडीपीओ अमन कुमार के जरिए परिवार को घटना की जानकारी मिली। खबर मिलते ही परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए। गांव में लगातार लोगों का आना-जाना लगा है और हर कोई दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।
यह भी पढ़ें..
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें