अब नहीं रहेगा कोई बेजुबान भूखा: महाराजगंज नगर पंचायत ने शुरू की अनोखी पहल, जगह-जगह लगाए गए ‘भोजन पात्र’
महाराजगंज नगर पंचायत ने बेजुबान जानवरों, खासकर आवारा कुत्तों के लिए एक सराहनीय और मानवीय पहल शुरू की है। नगर क्षेत्र के कई स्थानों पर विशेष “भोजन पात्र” लगाए गए हैं, ताकि लोग अपने घर का बचा हुआ खाना इधर-उधर फेंकने के बजाय इन पात्रों में डाल सकें। इससे एक तरफ जहां सड़कों पर गंदगी कम होगी, वहीं दूसरी ओर भूखे जानवरों को भी भोजन मिल सकेगा। नगर पंचायत की इस पहल की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
बेजुबानों के लिए भोजन पात्र लगाते नगर कर्मी
सीवान। महाराजगंज नगर पंचायत ने एक बार फिर ऐसी पहल की शुरुआत की है, जो सिर्फ नगर की स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि इंसानियत और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का भी संदेश देती है। नगर पंचायत द्वारा शहर के कई प्रमुख स्थानों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक इलाकों में विशेष भोजन पात्र लगाए गए हैं, जिनका उपयोग बेजुबान कुत्तों और अन्य आवारा जानवरों के लिए भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा।
नगर पंचायत की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों का बचा हुआ खाना सड़क, नाली, खाली प्लॉट या कूड़े के ढेर में फेंकने के बजाय इन भोजन पात्रों में डालें। इससे न सिर्फ भूखे जानवरों को भोजन मिलेगा, बल्कि शहर में गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी काफी हद तक कम होगी।
दरअसल, अक्सर देखा जाता है कि लोग घर का बचा भोजन खुले स्थानों पर फेंक देते हैं। इससे एक तरफ शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, वहीं दूसरी तरफ कई बार जानवर भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं। कई बेजुबान कुत्ते भूख के कारण बीमार हो जाते हैं या आक्रामक व्यवहार करने लगते हैं। नगर पंचायत की यह पहल इन समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
इस पहल की हो रही सराहना
नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि “अगर हर घर से बची हुई एक रोटी भी सही जगह पहुंच जाए, तो कोई बेजुबान भूखा नहीं सोएगा।” इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। भोजन पात्रों पर लोगों को जागरूक करने वाले संदेश भी लिखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ सकें।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की जमकर सराहना की है। कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने नगर पंचायत के इस कदम को “मानवता की मिसाल” बताया है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ पशुओं को खाना खिलाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज में दया और जिम्मेदारी की भावना जगाने वाली पहल है।
नगर पंचायत ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि भोजन पात्रों में केवल खाने योग्य सामग्री ही डालें। प्लास्टिक, कचरा या खराब भोजन डालने से बचें, ताकि जानवरों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। साथ ही आसपास की सफाई बनाए रखने में भी सहयोग करें।
इस पहल के बाद नगर क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश देखने को मिल रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी अब बेजुबानों के प्रति संवेदनशील होते नजर आ रहे हैं। कई लोग अपने घरों से बची रोटियां और भोजन लेकर सीधे भोजन पात्रों तक पहुंच रहे हैं।
महाराजगंज नगर पंचायत की यह पहल अब दूसरे नगर निकायों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है। स्वच्छता, पशु-प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर चलने वाली यह मुहिम निश्चित रूप से समाज में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
रिपोर्ट: प्रियांशु कुमार सिंह
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