15 साल का किला ढहा! बंगाल में BJP का महाविजय, विधानसभा भंग… शुभेंदु अधिकारी होंगे नए मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को ऐसा भूचाल आया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। इसी के साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का डेढ़ दशक पुराना शासन खत्म हो गया। अब बंगाल में भाजपा सरकार बनाने जा रही है और शनिवार को शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
पश्चिम बंगाल: लोक भवन, की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग कर दिया है। यह फैसला हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद लिया गया, जिसमें राज्य की राजनीति पूरी तरह बदल गई।
15 साल बाद सत्ता से बाहर हुई TMC
साल 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। लेकिन इस बार हुए चुनाव में जनता ने बड़ा जनादेश देते हुए भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों पर कब्जा जमाकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। वहीं टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई। बंगाल की राजनीति में इसे अब तक का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी बनेंगे नए मुख्यमंत्री?.
भाजपा विधायक दल की बैठक शुक्रवार शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होगी, जिसमें औपचारिक रूप से नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद शनिवार सुबह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई बड़े नेता शामिल होंगे।
टैगोर जयंती के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश
भाजपा ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती का दिन चुना है। बंगाली कैलेंडर के अनुसार यह “25वां वैशाख” है, जिसे पूरे बंगाल में टैगोर जयंती के रूप में मनाया जाता है। राजनीतिक जानकार इसे बंगाली अस्मिता के मुद्दे पर भाजपा की बड़ी रणनीति मान रहे हैं।
बंगाल में बदल गया पूरा सियासी समीकरण
भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत ने बंगाल की राजनीति का पूरा नक्शा बदल दिया है। लंबे समय से सत्ता में रही टीएमसी अब विपक्ष की भूमिका में होगी, जबकि भाजपा पहली बार अपने दम पर बंगाल की सत्ता संभालने जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह परिणाम आने वाले लोकसभा चुनावों पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
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